Aakhir Kitni Jameen Questions & Answers | आखिर कितनी ज़मीन प्रश्न और उत्तर

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पिछले पोस्ट में मैंने पारसमणि प्रश्न और उत्तर और फूल और काँटे प्रश्न और उत्तर शेयर किये हैं तो आप उसे भी चेक कर सकते हैं।

शब्दार्थ

  • मुल्क़ – देश
  • कुटुंब – परिवार 
  • हमला – आक्रमण 
  • अभ्यस्त – आदि 
  • बैर – दुश्मनी

प्रश्न 1: दीना का मन किसे देखकर हर्ष से भर जाता था?

उत्तर: दीना का मन लहलहाती फसल को देखकर हर्ष से भर जाता था।

प्रश्न 2: मनुष्य का कैसा स्वभाव है?

उत्तर: मनुष्य का स्वभाव है कि उसको जितना सुख मिलता है वह उससे अधिक सुख की कामना करने लगता है। 

प्रश्न 3: दीना ने चाय पीने से इंकार क्यों कर दिया?

उत्तर: दीना ने चाय पीने से इंकार इसलिए कर दिया क्योंकि वह एक मिनट भी नष्ट नहीं करना चाहता था। 

प्रश्न 4: दीना ने वापस लौटने का निश्चय कब किया?

उत्तर: जब दीना ने देखा कि सूरज ढलने लगा है तब उसने अनुमान लगाया कि वह करीब पंद्रह किलोमीटर दूरी पर होगा और वापस लौटने का निश्चय किया।

प्रश्न 5: सौदागर की बातें सुनते ही दीना किसके सपने देखने लगा?

उत्तर: सौदागर की बातें सुनते ही दीना नदी पार की ज़मीन हथियाने के सपने देखने लगा।

Aakhir Kitni Jameen Questions & Answers | आखिर कितनी ज़मीन प्रश्न और उत्तर

प्रश्न 6: दीना से कौन बैर मानने लगे और क्यों?

उत्तर: दीना की लहलहाती फसल में उसके पड़ोसी अपने जानवर चरने के लिए भेज देते थे जिससे उसका बड़ा नुकसान होता था। वह बड़ी  ही विनम्रता से पड़ोसियों को समझाता किंतु उन पर कोई प्रभाव न पड़ता था। जब उससे नुकसान न सहा गया तो उसने अदालत में अर्जी दी। परिणाम यह हुआ कि उसके दो-तीन पड़ोसियों पर जुर्माना हो गया और वे दीना से बैर मानने लगे। 

प्रश्न 7: सरदार ने अपने साथियों की बातें सुनकर दीना से क्या कहा?

उत्तर: सरदार ने अपने साथियों की बातें सुनकर दीना से कहा कि हमारे यहाँ ज़मीन की कमी नहीं है, जितनी चाहे ज़मीन अपनी पसंद की ले लो। इस बात को सुनकर दीना ने कहा कि वह जो भी ज़मीन ले उसकी लिखा-पढ़ी कस्बे की अदालत में हो जाए। सरदार ने जब दीना की यह बात मान ली तब दीना ने प्रश्न किया कि ज़मीन किस भाव मिलेगी तब सरदार ने उत्तर दिया कि एक हज़ार रुपया प्रतिदिन। दीना चकित हो गया और उसने पूछा कि यह कैसा हिसाब है? तब सरदार ने समझाया कि वह एक दिन में पैदल चलकर जितनी भी ज़मीन नाप डालेगा वह ज़मीन उसकी हो जाएगी। सरदार ने यह भी कहा कि एक दिन का मूल्य एक हज़ार देना होगा। वहीं सरदार ने एक और शर्त रखी कि अगर वह सूर्यास्त होने से पहले नहीं लौट पाएगा तो उसके द्वारा नापी गयी ज़मीन और एक हज़ार रुपये दोनों ज़ब्त कर लिए जाएँगे। 

प्रश्न 8: दीना के मुहँ से चीख क्यों निकली?

उत्तर: दिन भर चलते-चलते दीना थक चुका था। सूरज ढलने के पहले दीना को टेकड़ी पर पहुंचना था इसलिए वह दोड़ने लगा। वह अपने स्थान के निकट आ गया था। टेकड़ी पर खड़े लोग चिल्लाकर उसे उत्साहित कर रहे थे। उसे टेकड़ी पर रखी टोपी और उसके निकट बैठा सरदार साफ़ दिखाई दे रहे थे। उसने निराश दृष्टि से सूर्य की ओर देखा। सूर्य धरती के नीचे धँसा जा रहा था। दीना जान गया था की टेकड़ी तक पहुँचते-पहुँचते अंधेरा हो जायेगा इसलिए उसके मुहँ से चीख निकल गयी।  

प्रश्न 9: आपको इस पाठ का शीर्षक कैसा लगा?

उत्तर: मुझे इस पाठ का शीर्षक उचित व सटीक लगा क्योंकि इस पाठ में दीना नामक व्यक्ति का वर्णन किया गया है जो संपन्न होते हुए भी अधिक ज़मीन की कामना करता है। इस पाठ में यह भी बताया गया है कि मनुष्य को जितना सुख मिलता है वह उससे अधिक की कामना करता है। इस पाठ में भी लिओ टॉलस्टॉय ने यही दर्शाया है। दीना पर्याप्त ज़मीन और सुख होते हुए भी अधिक की कामना करता है परंतु अंत में उसके लिए दो मीटर की ज़मीन ही निर्धारित होती है। इस पाठ ‘आखिर कितनी ज़मीन’ में यही बताया है कि दीना सिर्फ़ ज़मीन का सौदा करने में व्यस्त था और उसमें उसने अपने सुख का भी त्याग कर दिया।

तो यह थे Aakhir Kitni Jameen Questions & Answers | आखिर कितनी ज़मीन प्रश्न और उत्तर